एक सैनिक का दुर्लभ निजी पत्र

DSC03739

क्षमा

कौन क्षमा करेगा मुझे जब क्षमा मांगना ही पराभव या पस्ती

हो गया हो मैं यह लिख रहा हूँ और आसमान मज़ाक उड़ा रहा है मेरा

देखो लिख रहा है मूर्ख बस क्षमा मिल जाए सबसे

अग्नि कहने से मुँह नहीं जलता क्षमा लिखने से क्षमा नहीं मिलती मूर्ख

 

आवाज़

घास कुचले जाने से पहले

प्रहार की नहीं, आवाज़ की प्रतीक्षा भी तो कर रही हो सकती है

हो सकता है कि

घास को पैर नहीं, आवाज़ कुचलती हो

अगला कदम बेआवाज़ उठाकर देखिए

आपके पैरों के नीचे से जमीन ही न खींच ले कहीं!

सुबह तकः आत्महत्या के विरुद्ध

 फूल क्या इतने सख्तज़ान होते हैं

कि वे खुदकुशी करना चाहें

या वे डरते हैं कोई न कोई

मुरझा ही देगा उन्हें

जब फूल खुदकुशी कर रहे हों

तब कैसे साँस ले सकता है कोई इस पृथ्वी पर

बस रात भर रोक लो खुद को

ओस की तरह ढक लूंगा तुम्हें

तुम्हीं में मिल जाऊंगा

बस सुबह तक रोक लो खुद को

एक सैनिक का दुर्लभ निजी पत्र

आख़िर मैं कब समझूंगा

सिवा मौत उसका कोई इलाज़ नहीं

जिसमें जीवन कह कर लिथड़ा हूँ

सिर्फ़ अभी ही मर सकता हूँ मैं

प्रेम में ही कोई मर सकता है अपने हाथों इतनी आसानी से

वर्ना तो कितना आसान है दूसरों को मारना

बाद में सिर्फ इंतज़ार होगा

इस तरह मार दिये जाने का

कि जो गिरेगा कुत्ते की तरह लाश-गाड़ी में

वो कोई दूसरा होगा

(प्रथम प्रकाशनः जनपथ, 2009/ फोटोः गिरीश)

4 Responses to एक सैनिक का दुर्लभ निजी पत्र

  1. ‘एक सैनिक का दुर्लभ निजी पत्र’ बहुत सुन्‍दर कविता है, सही कहा-
    ”प्रेम में ही कोई मर सकता है अपने हाथों इतनी आसानी से
    वर्ना तो कितना आसान है दूसरों को मारना”

  2. जबकि अग्नि कहने से थोड़ा सा मुंह और कभी थोड़ा-सा वक़्त ( या जो भी उसे कहा जाता हो) जल जाता है, और मुझे तो कई बार माफ़ किया है लोगों ने – सिर्फ़ माफ़ी शब्द के उच्चारण से.

    लगातार कविताएँ लगाइए.

  3. यह गजब है यार …

    आवाज़

    घास कुचले जाने से पहले

    प्रहार की नहीं, आवाज़ की प्रतीक्षा भी तो कर रही हो सकती है

    हो सकता है कि

    घास को पैर नहीं, आवाज़ कुचलती हो

    अगला कदम बेआवाज़ उठाकर देखिए

    आपके पैरों के नीचे से जमीन ही न खींच ले कहीं!

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Connecting to %s